Shrine Institute Of Computer Career Educational Society
श्राईन इन्स्टीच्यूट ऑफ कम्प्यूटर कैरियर एजुकेशनल सोसाइटी
हमारी संस्था “श्राईन इन्स्टीच्यूट ऑफ कम्प्यूटर कैरियर एजुकेशनल सोसाइटी” एक पंजीकृत गैर-सरकारी एवं गैर-लाभकारी संगठन (Non-Profit Organization) है, जिसकी स्थापना वर्ष 2012 में समाज में शिक्षा, समानता, और सेवा की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से संस्था ने यह दृढ़ संकल्प लिया कि वह समाज के हर उस वर्ग तक पहुँचेगी, जहाँ जरूरत, संवेदना और सहयोग की आवश्यकता है — चाहे वह शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण हो, डिजिटल साक्षरता द्वारा आधुनिक भारत से जुड़ाव हो, पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान हों, या फिर जरूरतमंदों के जीवन में राहत लाने के मानवीय प्रयास।
संस्था का मूल उद्देश्य है — “समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान, और अवसर प्रदान करना ताकि वह आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सके।” पिछले एक दशक से अधिक समय में संस्था ने अनेक योजनाओं, प्रशिक्षणों, और सामाजिक अभियानों के माध्यम से जनसेवा की दिशा में सार्थक योगदान दिया है।
1. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान (Contribution in Education)
संस्था की स्थापना के साथ ही “शिक्षा सबके लिए” का संकल्प उसकी पहचान बन गया। ग्रामीण और शहरी गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना संस्था का प्रथम और प्रमुख उद्देश्य रहा है।
संस्था ने कई स्कूलों और शिक्षण केंद्रों की स्थापना की, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, अध्ययन सामग्री, वर्दी, व स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, संस्था द्वारा समय-समय पर “शिक्षा जागरूकता अभियान” चलाए गए, जिनका उद्देश्य अभिभावकों को यह समझाना है कि शिक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि जीवन की आवश्यकता है। संस्था ने स्कूल छोड़ चुके बच्चों (Dropout Students) के लिए पुनः नामांकन कार्यक्रम चलाए हैं ताकि वे फिर से शिक्षा से जुड़ सकें।
संस्था का यह मानना है कि शिक्षित समाज ही प्रगतिशील समाज की नींव रख सकता है। इसलिए संस्था लगातार प्राथमिक शिक्षा से लेकर तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण तक बच्चों और युवाओं को सक्षम बनाने का कार्य कर रही है।
2. डिजिटल साक्षरता अभियान (Digital Literacy Mission)
वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। इसी दृष्टि से संस्था ने डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बनाया। संस्था द्वारा “हर हाथ में ज्ञान, हर मन में पहचान” के नारे के साथ डिजिटल साक्षरता केंद्र स्थापित किए गए, जिनमें विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, और स्कूली छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है।
इन प्रशिक्षण केंद्रों में निम्न विषयों पर शिक्षण दिया जाता है —
- बेसिक कंप्यूटर ज्ञान (Basic Computer Knowledge)
- इंटरनेट एवं ई-मेल का उपयोग
- ऑनलाइन बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान (Digital Payment Awareness)
- ई-गवर्नेंस सेवाओं का उपयोग
- टाइपिंग, एमएस ऑफिस, ग्राफिक डिजाइन, और डेटा एंट्री स्किल्स
इन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्था ने हजारों युवाओं और महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त किया है ताकि वे अपने करियर और जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें।
3. पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल (Environmental Protection and Green Initiatives)
संस्था का मानना है कि “प्रकृति का संरक्षण ही मानव का संरक्षण है।” इसी उद्देश्य के साथ संस्था ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक कार्य किए हैं, जैसे —
- वृक्षारोपण अभियान (Tree Plantation Drives)
- प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान (Say No to Plastic Awareness)
- जल संरक्षण कार्यक्रम (Save Water Movement)
- स्वच्छता अभियान (Cleanliness Drives in Schools and Public Places)
संस्था हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) और अर्थ डे जैसे अवसरों पर विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है। इन अभियानों का लक्ष्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। संस्था के स्वयंसेवकों ने कई बार गाँवों, विद्यालयों, और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी कार्यशालाएँ भी आयोजित की हैं।
4. कुष्ठ रोगियों की सहायता और पुनर्वास (Leprosy Patients’ Support & Rehabilitation)
संस्था का एक अत्यंत संवेदनशील और मानवता से जुड़ा कार्यक्षेत्र है — कुष्ठ रोगियों (Leprosy Patients) की सहायता और पुनर्वास। समाज में अब भी कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों के प्रति उपेक्षा और भेदभाव की भावना देखने को मिलती है। संस्था ने इस अन्याय को समाप्त करने का प्रयास किया है।
संस्था के स्वयंसेवक समय-समय पर कुष्ठ आश्रमों और पुनर्वास केंद्रों में जाकर रोगियों को वस्त्र, भोजन, दवा, और आवश्यक सामग्री प्रदान करते हैं। इसके अलावा, संस्था लोगों में यह जागरूकता फैलाने का कार्य करती है कि कुष्ठ रोग पूर्णतः इलाज योग्य है और इस रोग से पीड़ित व्यक्ति भी हमारे समाज का समान हिस्सा हैं।
5. जरूरतमंदों की सहायता (Support to the Needy)
मानवता की सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए। संस्था के कार्यों में जरूरतमंद लोगों की सहायता एक निरंतर चलने वाला अभियान है।
हर वर्ष संस्था द्वारा गरीब, असहाय, और निर्धन परिवारों के लिए वस्त्र वितरण, राशन वितरण, चिकित्सा सहायता, और शिक्षा सहायता जैसे कार्यक्रम चलाए जाते हैं। आपदा या कठिन परिस्थितियों में (जैसे बाढ़, ठंड, या महामारी के समय) संस्था ने आगे बढ़कर समाज के निचले वर्ग तक राहत पहुँचाई है। इन कार्यों के माध्यम से संस्था ने न केवल भौतिक सहायता दी है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और आत्मबल से भी सशक्त किया है।
6. सर्दियों में कंबल एवं वस्त्र वितरण (Winter Relief & Blanket Distribution)
हर वर्ष कड़ाके की सर्दी में जब गरीब और बेसहारा लोग ठंड से जूझते हैं, संस्था के स्वयंसेवक रात में सड़कों, बस अड्डों, और झुग्गी बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों को कंबल, स्वेटर, जैकेट, और ऊनी वस्त्र वितरित करते हैं। यह कार्य न केवल सहायता का प्रतीक है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की एक मिसाल भी है। संस्था का मानना है कि “यदि किसी की ठंड को कम किया जा सके, तो वह सच्ची पूजा है।”
7. महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता (Women Empowerment & Health Awareness)
संस्था का एक विशेष फोकस महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर है। महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ शरीर, स्वच्छता, मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है। संस्था द्वारा कई बार “स्वस्थ नारी, सशक्त समाज” अभियान के तहत कार्यशालाएँ आयोजित की गई हैं, जिनमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों द्वारा ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया गया। इसके अलावा, महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर, और हैंडमेड प्रोडक्ट्स बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। संस्था का यह मानना है कि — “जब एक महिला शिक्षित और जागरूक होती है, तो पूरा परिवार सशक्त होता है, और जब परिवार सशक्त होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है।”
8. सामाजिक जागरूकता अभियान (Social Awareness Programs)
संस्था समय-समय पर विभिन्न सामाजिक विषयों पर जन-जागरूकता अभियान चलाती है, जैसे —
- बाल मजदूरी उन्मूलन (Eradication of Child Labour)
- नशा मुक्ति अभियान (De-Addiction Awareness)
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (Save Girl Child & Educate Her)
- स्वच्छ भारत अभियान (Clean India Movement)
- साक्षरता और मतदान जागरूकता (Voter Awareness & Literacy Campaigns)
इन अभियानों का उद्देश्य समाज में जिम्मेदारी, नैतिकता और नागरिक कर्तव्यों की भावना का विकास करना है।
9. भविष्य की योजनाएँ (Future Vision and Goals)
संस्था का उद्देश्य केवल वर्तमान में कार्य करना नहीं, बल्कि एक दीर्घकालीन सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना है। भविष्य में संस्था निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्यरत है —
- ग्रामीण क्षेत्रों में “ई-लर्निंग केंद्र” की स्थापना
- स्वच्छ जल एवं स्वच्छता परियोजनाएँ
- महिलाओं के लिए स्वास्थ्य एवं कौशल विकास केंद्र
- पर्यावरण अनुकूल स्कूलों और सामुदायिक भवनों की स्थापना
- वृद्धजन सहायता कार्यक्रम (Elderly Support Programs)
- युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण केंद्र
संस्था का विश्वास है कि निरंतरता, निष्ठा, और पारदर्शिता से ही समाज में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।
हमारी प्रतिबद्धता (Our Commitment)
हमारी संस्था का हर स्वयंसेवक यह शपथ लेकर काम करता है कि — “हम सेवा, शिक्षा, और समानता के मार्ग पर चलते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँगे।” संस्था की पहचान उसकी ईमानदारी, निःस्वार्थ सेवा भावना, और जनहित के प्रति समर्पण में निहित है। हम मानते हैं कि यदि हर व्यक्ति समाज के प्रति थोड़ा-सा योगदान दे, तो मिलकर हम एक ऐसा भारत बना सकते हैं जो ज्ञान, करुणा और समानता पर आधारित हो।
समापन संदेश (Conclusion)
वर्ष 2012 से अब तक संस्था ने जिस समर्पण, संवेदना और निरंतरता से कार्य किया है, वह केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि हजारों मुस्कानों में दिखाई देता है। चाहे वह गरीब बच्चे की पढ़ाई हो, किसी वृद्ध का इलाज, किसी महिला का प्रशिक्षण, या किसी कुष्ठ रोगी की सहायता — हर प्रयास के पीछे एक ही भावना रही है: “सेवा ही सर्वोपरि है।”
संस्था आने वाले समय में भी समाज के हर वर्ग के साथ कदम से कदम मिलाकर, शिक्षा, सेवा, और सशक्तिकरण के इस पवित्र मिशन को आगे बढ़ाती रहेगी।
